मंगलवार, 23 मई 2017

रजपुतानी(प्राण जाये पर वचन न जाये)मार्मिक शौर्यगाथा 1 सोढा राजपूत और रजपुतानी की

रेत रा टीबा बळरिया । ऊनी ऊनी लू असी चाल री जो काना रा केसा ने बाळती नीसर जावै । नीचै धरती तपरी, उंचो आकास् बळरियों । खैजडा री छाया में बैठय...

रविवार, 7 मई 2017

उतर भड़ किवाड़ भाटी क्यों कहा जाता है जानिए भाटीओं को और विजयराज लांझा राहड़,मांगलिया,हटा,भींया भाटीयों की साखाओं का प्रादुर्भाव

 सन 841 ई. में अपने पितामह राव् तणुजी की पराजय और मृत्यु के पश्चात् घाटियों के राज्य के संस्थापक  मूलपुरुष रावल सिद्ध देवराज राज्यविहीन हो ...

बुधवार, 19 अप्रैल 2017

घात्यो नथमल बोरड़की रै घाव (भादरिया माता आण में बोरडी पेड़ काटने के बदले सोने का पेड़ चढ़ाना पड़ा तत्कालीन दीवान नथमल को )

‘घात्यौ नथमल बोरड़की रै घाव’ लगभग डेढ़ सदी पुरानी कहानी है यह | राजस्थान के गांवों में पर्यावरण संरक्षण का अपना लौकिक तरीका था| देवी-देवताओ...